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Pollution Of World: History, Definition and Facts Types of Pollution

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Pollution Of World: History, Definition and Facts Types of Pollution 
प्राकृतिक संसाधन जैसे जल, वायु, पृथ्वी, मनुष्य की मूल आवश्यकताएं हैं। प्रकृति में कोई अवांछनीय परिवर्तन जो संपूर्ण जीव जगत के लिए हानिकारक होता है, वह प्रदूषण कहलाता है। प्रदूषण से जैविक एवं अजैविक दोनों घटक प्रभावित होते हैं।
राष्ट्रीय पर्यावरण शोध समिति के अनुसार ‘मानव के क्रियाकलापों से उत्पन्न अपशिष्ट उत्पादों के रूप में पदार्थ तथा ऊर्जा के निष्कासन से प्राकृतिक पर्यावरण में होने वाले अवांछित या हानिकारक प्रभाव को प्रदूषण कहते हैं।’
span style=”color: red;”>प्रदूषण के प्रकार – प्रदूषण को स्रोतों के आधार पर निम्न भागों में विभाजित किया जा सकता है-
1. वायु प्रदूषण (Air Pollution)
2. जल प्रदूषण (Water Pollution)
3. मृदा प्रदूषण (Soil Pollution)
4. ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution)
5. ऊष्मा प्रदूषण (Thermal Pollution)
6. रेडियोधर्मी प्रदूषण (Radioactive Pollution)

Pollution Of World: History, Definition and Facts Types of Pollution
Pollution Of World 


1. वायु प्रदूषण – समस्त जीवधारियों का जीवन वायु पर ही निर्भर करता है। एक व्यक्ति प्रतिदिन 16 किलोग्राम वायु श्वास के लिए प्रयोग में लेता है। प्रकृति में विभिन्न गैसें, जल, वाष्प एवं धूल के कण एक निश्चित अनुपात में विद्यमान होते हैं। इन के माध्यम से वायु की रचना होती है।
प्रकृति में वायु निर्माण की प्रक्रिया स्वत: चलती रहती है, किंतु बाह्य तत्वों की उपस्थिति से प्रकृति की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न होती है। जिससे वायु के प्राकृतिक गुणों पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है जिसे वायु प्रदूषण कहते हैं।
विश्व स्वास्थ संगठन के अनुसार- ‘वायु प्रदूषण उन परिस्थितियों तक सीमित रहता है जहां बाहरी मंडल में दूषित पदार्थों की मात्रा मानव तथा पर्यावरण को हानि पहुंचाने की सीमा तक बढ़ जाते है।’ वायु प्रदूषित होने पर इसका प्रभाव पर्यावरण एवं मनुष्य दोनों पर पड़ता है।

वायु प्रदूषण के कारण – वायु प्रदूषण के प्रमुख कारण जनसंख्या वृद्धि, वाहनों का धुआं, वनों की कटाई, ईधन दहन, औद्योगीकरण, कृषि गतिविधियों एवं प्राकृतिक कारण आदि शामिल है।

1. जनसंख्या वृद्धि – जनसंख्या वृद्धि वायु प्रदूषण के कारणों में प्रमुख माना जाता है। यह एक गंभीर चिंतन का विषय बन गया है। यदि जनसंख्या दर में इसी प्रकार वृद्धि होती रहती है तो पर्यावरण पर इसके बहुत ही गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यदि जनसंख्या वृद्धि की मात्रा बढ़ती रही तो वातावरण का तापमान भी निरंतर बढ़ता जाएगा जिसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

2. वाहनों का धुआं – कुल वायु प्रदूषण का लगभग 80% भाग शहरों में वाहनों से उत्पन्न धुआं है। स्वचालित वाहनों से निकले धुएं के कारण वायु प्रदूषण में अत्यधिक वृद्धि हुई है। वाहनों के धुएं में विद्यमान कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, हाइड्रोजन, सल्फर डाइऑक्साइड तथा शीशे का मिश्रण वायु में मिलाया जा रहा है।

3. वनों की कटाई – पेड़-पौधे वायु में ऑक्सीजन गैस छोड़ते हैं तथा कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण करते हैं। जिससे वायु शुद्ध होती है। यह ऑक्सीजन मानव के स्वसन क्रिया में उपयोग में आती है। पेड़-पौधों की कटाई या वनों की कटाई इंसान द्वारा अपने हित के लिए एक नुकसान पहुंचाना है। इसके कारण वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा में वृद्धि तथा ऑक्सीजन की मात्रा में कमी होने लगती है।

4. ईंधन का दहन – कोयला लकड़ी जीवाश्म ईंधन आदि ऊर्जा के पारस्परिक स्रोत है। इनके दहन से वायु प्रदूषित होती है। कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड तथा कार्बन मोनोऑक्साइड आदि इनके दहन से उत्पन्न होने वाली जहरीली गैसे हैं।  अगर ईंधन से विभिन्न प्रकार के जहरीले गैसें निकलती है जो मानव श्वसन के लिए बहुत हानिकारक है।
फैक्ट्रियों के आसपास वायु में सल्फर डाईऑक्साइड की सांद्रता बहुत अधिक होती है। कभी-कभी वायु में उपस्थित यह सल्फर डाइऑक्साइड फैक्ट्री के आसपास स्थित वायु के छोटे-छोटे कणों से मिलकर ऑक्सीकरण द्वारा सल्फर डाई ऑक्साइड का निर्माण करती है। यह गैसे हानिकारक होती है तथा पानी के साथ अभिक्रिया कर सल्फ्यूरिक एसिड का निर्माण करती हैं तथा वर्षा के जल के साथ पृथ्वी के नीचे आती है इसे अम्लीय वर्षा कहते हैं।

5. औद्योगिकरण – धातु पिघलाने के संयंत्र, केमिकल प्लांट, पेट्रोलियम रिफाइनरी और भी कई प्रकार की औद्योगिक फैक्ट्रियां जो वायु प्रदूषण में लगभग 1/5 प्रतिशत भाग जिम्मेदार है। इनसे निकलने वाले धुएं में विभिन्न प्रकार की कार्बन एवं अकार्बनिक गैस होती है। धुएं में उपस्थित धुल के कण, कार्बन धातु एवं ठोस पदार्थ तथा तरल पदार्थ आदि मानव स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डालते हैं।

वायु प्रदूषण के प्रभाव  – 

1. मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव (Effects on Human Health) – प्रदूषित वायु में सांस लेने से अनेक प्रकार की घातक बीमारियां हो सकती हैं। जिनमें से प्रमुख निम्न हैं-
(i)  सल्फर-डाई-आक्साइड ऊतको में प्रवेश कर मुंख में सूखापन, गले में कठोरता तथा आंखों में जलन इत्यादि उत्पन्न करता है।
(ii) कार्बन, सल्फर तथा नाइट्रोजन के ऑक्साइड रक्त में उपस्थित हीमोग्लोबिन के साथ मिलकर रक्त की ऑक्सीजन वहन क्षमता को कम कर देता है।
कार्बन मोनो ऑक्साइड हृदय रोग सम्ब्धी समस्याएं उत्पत्र करता है।
(iii)  हाइड्रोकार्बन तथां कई अन्य वायु प्रदूषक कैंसर के लिए उत्तरदायी होते हैं।
(iv) फंगस, फूलों के परागकण एवं वायु में उपस्थित धूल के कणों द्वारा अनेक एलर्जिक बमारियां फैलती हैं।
(v) वायु प्रदूषण कई प्रकार की श्वसन सम्बन्धी बीमारियां भी उत्पन्न करता है जैसे- वातस्फीति,  निमोनिया एवं  फेफड़ों का कैंसर आदि।
(vi) धूल के कण अस्थमा तथा निमोनिया जैसी बीमारियां उत्पन्न करते हैं।
(vii) प्रदूषित वायु में सांस लेने से कफ, गले में खराश, सिरदर्द, श्वास लेने में आवाज आना, चक्कर आना, श्वसन नली में सूजन आदि बीमारियां हो सकती हैं।

2. वनस्पति पर प्रभाव – वायु प्रदूषण के वनस्पति पर घातक प्रभाब होते हैं। जिससे हमारी अर्थव्यवस्था को भी नुकसान होता है। इनमें से कुछ प्रभाव निम्न प्रकार  हैं
(i) सल्फर-डाईऑक्साइड क्लोरोसिस उत्पत्न करता है। अर्थात् यह क्लोरोफिल को नुकसान पहुंचाता है जिससे पेड़-पौधों तथा वनस्पति को घातक नुकसान पहुंचता है।
(ii)  नाइट्रोजन के ऑक्साइड तथा फ्लोराइड्स फसल को नुकसान पहुंचाते हैं।
(iii) वायु में उपस्थित धूल के कण तथा धुआं पत्तियों की सतह को ढक कर प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं।

3. धातु तथा इमारतों पर प्रभाव –  अम्लीय वर्षा तथा प्रकाश रासायनिक धुआं, धातुओं तथा इमारतों को प्रभावित करता है। यह जल तथा मर्दा को भी प्रदर्शित करते इतिहासिक इमारत आगरा का ताजमहल मथुरा रिफाइनरी से उत्पन्न होने वाले वायु प्रदूषण द्वारा प्रभावित हुआ।

4. जलवायु पर प्रभाव – धुआं, कुहासा तथा धूल वातावरण की पारदर्शिता को कम करता है जिससे कभी-कभी दूर तक देखने में परेशानी होने पर ट्रेन तथा सड़कों पर भयंकर दुर्घटनाएं हो जाती है।

वायु प्रदूषण रोकने के उपाय –

वायु प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए इनके प्रदूषकों के उत्सर्जन पर नियंत्रण आवश्यक है। अतः पर्यावरण को वायु प्रदूषण से मुक्त करने के लिए निम्न प्रयास करने चाहिए।
(i) नाइट्रोजन की वातावरण में उपस्थिति कम करने के लिए ऑटोमोबाइल का इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए।
(ii) नाभिकीय विस्फोट कम से कम किए जाने चाहिए।
(iii) कच्चे तेल के इस्तेमाल के स्थान पर उच्च गुणवत्ता का ईंधन प्रयोग में लेना चाहिए। इससे वातावरण में सल्फर तथा हाइड्रोजन को कम किया जा सकता है।
(iv) अधिक से अधिक मात्रा में पेड़-पौधे लगाने चाहिए। जिससे वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की कमी तथा ऑक्सीजन की मात्रा में वृद्धि होगी।
(v) उद्योगों में उत्पन्न धूएं को वातावरण में निष्कासित करने से पूर्व फिल्टर जरूर करना चाहिए।
(vi) रासायनिक प्रक्रियाओं द्वारा उद्योगों से उत्पन्न गैसीय प्रदूषकों को हटाया जा सकता है।
(vii) जनसंख्या वृद्धि जिसे वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारण माना जाता है। इस पर नियंत्रण करना बहुत ही जरूरी है।
(viii) कानूनी रूप से वायु प्रदूषण पर नियंत्रण में अत्यधिक लाभदायक होता है। हमारे यहां वायु प्रदूषण बोर्ड केंद्रीय तथा राज्य स्तर पर गठित किए गए हैं। इन्हें उद्योगों को लाइसेंस देने तथा खारिज करने का अधिकार है।

latest news on coronavirus: पीएम मोदी ने लिये कोरोना पर 10 बड़े निर्णय

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bno news coronavirus: पीएम मोदी ने लिये कोरोना पर 10 बड़े निर्णय
नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सबका- कोरोना से भारत में अब तक 544 मामले सामने आ चुके हैं। आज नये 27 मामले सामने आए हैं। जबकि 11 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। नोएडा की एक सोसाइटी में मरीज मिला है जिस वजह से पूरी सोसाइटी को 26 मार्च तक सील कर दिया।

कोरोना की इस महामारी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के लिए संपूर्ण देश ने जो योगदान दिया है वो बहुत ही सराहनीय है।

latest news on coronavirus: पीएम मोदी ने लिये कोरोना पर 10 बड़े निर्णय

इस वैश्विक महामारी से निपटने के लिए पीएम मोदी ने लोगों को एक-दूसरे से दूर रहने तथा अपने घरों में रहने की सलाह दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संबोधन में 10 बड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। आज  रात 12:00 बजे से संपूर्ण भारत को 21 दिन तक लॉकडाउन करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि बेहतर सुविधा वाले देश भी इस महामारी से गुजर रहे हैं।
1. आज रात 12:00 बजे से पूरे भारत को लॉक डाउन कर दिया जाएगा।
2. लोगों को घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है।
3. लॉकडाउन का मतलब एक तरह से कर्फ्यू ही है।
4. देश के हर राज्य से लेकर हर गांव मोहल्ले तक लॉकडाउन होगा।
5. कोरोना वायरस से निर्णायक लड़ाई बहुत ही जरूरी है।
6. यह लॉकडाउन जनता कर्फ्यू से ज्यादा सख्त होगा।
7. कोरोना का मतलब है कोई रोड पर ना निकले
8. कोरोना के लिए 15000 करोड़ का फंड जारी किया।
9. जरूरतमंद सेवाओं पर लॉकडाउन का कोई असर नहीं होगा।
10. यह लॉक डाउन 15 अप्रैल तक होगा।

कोरोना से 192 देश प्रभावित हो चुके हैं। दुनिया भर में 3,66,774 लोग इस कोरोना वायरस से संक्रमित है। इटली में कोरोना से 6,376 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। भारत में भी कोरोना 23 राज्यों में अपने पैर पसार चुका है। देश में आज रात से घरेलू उड़ानों पर रोक लगा दी है। दिल्ली के शाहीन बाग से सभी टेंट हटा दिए गए हैं और 9 लोगों को हिरासत में ले लिया गया है।

कोरोना से निबटने के लिए पीएम मोदी के प्रयासों में योगदान करने में रिलायंस इंडस्ट्रीज आगे आया है।
कोरोना से संघर्ष की लड़ाई में एक आधुनिक अस्पताल के अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कई काम किए हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज किसी भी आपदा में बढ़-चढ़कर देश की सेवा करती है। जब पूरा देश कोरोना जैसी महामारी झेल रहा है तो रिलायंस इंडस्ट्रीज एक बार फिर सामने आया है।

SR HN Reliance फाउंडेशन ने PMC के योगदान से सेवन हिल्स हॉस्पिटल मुंबई में 100 बिस्तरों का एक सेंटर स्थापित किया है। जो कोरोना को समर्पित देश का पहला सेंटर होगा। सिर्फ 14 दिनों में तैयार इस सेंटर में सभी बेड जरूरी बुनियादी सुविधाओं बायोमेडिकल उपकरण जैसे पेसमेकर, वेंटिलेटर, डेलेसिस मशीन और रोगी निगरानी उपकरणों से तैयार है। पूरी तरह से रिलायंस फाउंडेशन फंड से बना सेंटर Covid -19 टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए मरीजों के लिए हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज कई संक्रमित देशों से आए लोगों की जांच के लिए विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की भी पहल कर रही है। कई शहरों में मुफ्त भोजन कराने की भी पेशकश कर रही है। रिलायंस हेल्थसूट तथा मास्क के उत्पादन में बढ़ोतरी कर रही है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री राहत कोष में रिलायंस इंडस्ट्रीज में 5 करोड रुपए भी दिए।

Amazon Quiz Answer: Today march 2020 Wining 20000

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 नमस्कार दोस्तों आज हम बात करेंगे की Amazon Quiz में 5 Questions का आंसर देकर 20,000 रुपये कैसे कमाया जाता है। यह बहुत ही साधारण काम है, जिसे आप अच्छे तरीके से कर सकते हैं।

सबसे पहले आपको अपने मोबाइल के प्ले स्टोर में जाना है। वहां से आपको Amazon Install करना है। आपको अमेज़न में एक अकाउंट बनाना है। Amazon में अकाउंट बनाने के बाद आपको ‘Quiz’ सर्च करना है। सर्च रिजल्ट आने के बाद Fun Zone पर क्लिक करना है।

यहां पर आपको Amazon Saheli Quiz, Veet Quiz, Mivi Duopods Quiz और (Amazon Business) Extra Saving Quiz कई सारी Quiz देखने को मिल जाएगी।

Amazon Quiz Answer: Today march 2020 Wining 20000

यहां पर आपको Extra Saving Quiz पर क्लिक करना है और मात्र 5 सवालों के जवाब देकर ₹20000 कमा सकते हैं। लेकिन आपको सभी जवाब के सही आंसर देने होंगे।

नियम तथा शर्ते – यह अतिरिक्त बचत प्रश्नोत्तरी आपके लिए अमेज़ॅन सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (“Amazon Business”) द्वारा चलाई जा रही है।  प्रतियोगिता में प्रवेश करने से पहले कृपया इन नियमों और शर्तों  को जरुर पढ़ले। आप इस बात से सहमत हैं कि, इस प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले नियमों और शर्तो आप स्वीकार करते हैं और आप सभी प्रतियोगिताओं  की आवश्यकताओं के लिए सभी नियम एवं शर्तों को सहमति देते हैं।

पात्रता – आपको प्रतियोगिता में प्रवेश करने से पहले इन मापदंडों को पूरा करना होगा।
(i) आपको भारत का व्यक्तिगत तौर कानूनी निवासी होना चाहिए।
(ii) आपको Amazon.in पर अपनी खाता सेटिंग में भारत को अपना देश चुनना चाहिए।
(iii) आपका भारत में एक बिलिंग पता होना चाहिए।
(iv) इस प्रतियोगिता में भाग लेने के समय आपकी आयु 18 वर्ष या अधिक होनी चाहि।

(v) आपके पास भारतीय पासपोर्ट, वोटर आईडी,
पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस  के रूप में पहचान का वैध प्रमाण पत्र होना चाहिए। 

इस प्रतियोगिता में अमेज़ॅन कंपनी के कर्मचारी, उनके परिवार के सदस्य, मित्रगण, अमेज़ॅन के सहयोगी, विज्ञापन देने वाली एजेंसियां   इस प्रतियोगिता में प्रवेश करने के लिए पात्र नहीं हैं।

इस प्रतियोगिता में पूछे गए प्रश्न के उत्तर इस प्रकार है –

Q.1- In contexts to businesses and tax, what is the full form of GST?
Ans. – Goods And Service Tex

Q.2- Amazon Business is a program within Amazon.in that provides several benefits to businesses shopping from the site. Which of these is a benefit it offers?
Ans.- All of These 

Q.3- Amazon Business started in India in 2017, and is present in only 1 other country in Asia apart from India. Which country is it?
Ans.- Japan

Q.4- You can purchase in bulk and avail quantity discounts in your business account. True/False?
Ans.- True

Q. 5- What is the fee for converting your existing Amazon.in account to an Amazon Business account?
Ans.- It’s free of cost 

latest coronavirus news : भारत में कोरोना से मरने वालों की संख्या..

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कोरोना को लेकर पिछले दो महीनों से चीन में और अब पूरी दुनिया में हाहाकार मच गया है। इंग्लैंड से लेकर अमेरिका तक इस वायरस ने हड़कंप मचा दिया है और अब तो भारत में भी कोरोना ने पैर पसार दिए थे।

चीन से निकले इस जानलेवा वायरस का अभी तक कोई इलाज नहीं मिला है आखिर तक कोरोना की तह तक पहुंचना बहुत ही जरूरी है। आखिरकार को रोना नाम का वायरस कैसे आए और कब खत्म होगा? इस वायरस से पूरी दुनिया में खौफ फैल चुका है। भारत में भी यह वायरस लगातार बढ़त बना रहा है।

इटली में लगातार कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। वहां के अस्पताल मरीजों से भर गए हैं। कोरोना वायरस की वजह से इटली में चीन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहां पर सभी सुपर मार्केट को बंद कर दिया गया है। लोगों को रोजमर्रा की वस्तुओं के लिए एक-एक करके आने की अनुमति दी है।

latest coronavirus news : भारत में कोरोना से मरने वालों की संख्या..

देश में आज कोरोना से पीड़ित लोगों का आँकड़ा 433 तक पहुंच गया है। भारत में अब तक कोरोना की वजह से 6 मौतें हो चुकी है। महाराष्ट्र,गुजरात, बिहार तथा तमिलनाडु में कोरोना के नए मामले सामने आए हैं। पंजाब तथा राजस्थान में कोरोना के चलते लॉकडाउन कर दिया गया है। मुंबई में आज रात से सभी सब अर्बन ट्रेनें बंद कर दी गई है।

कोरोना वायरस के खिलाफ पूरा देश एकजुट होकर खड़ा है। इसी बीच रेल्वे ने बहुत ही बड़ा फैसला लेते हुए रेल सेवा को 31 मार्च तक रोक दिया है। केवल मालगाड़ी सेवा ही जारी रहेगी। यात्री अपने बुकिंग के पैसे 21 जून तक वापस ले सकते हैं।

भारत में कल जनता कर्फ्यू लागू किया है, जिसका पूरी जनता ने समर्थन किया है। लोग अपने-अपने घरों में बंद है और सड़कों पर बिल्कुल सन्नाटा पसरा हुआ है। केवल आपातकालीन सेवा ही चालू रखी गई है। आपको बता दें भारत में पिछले 24 घंटे में 97 नए मामले सामने आ चुके हैं।
कोरोना के चलते भोपाल में भी 24 मार्च तक लॉकडाउन करने के आदेश दे दिए हैं। जबकि राजस्थान व पंजाब में 31 मार्च तक लॉकडाउन कर दिया है केवल आपातकालीन सेवाएं ही जारी रहेगी।

देश भर में 75 जिलों में कोरोना के चलते लॉकडाउन कर दिया है। आपको बता दें कि लॉकडाउन आपदा या महामारी की स्थिति में किया जाता है। लॉकडाउन में लोगों को अपने घरों में रहने की सलाह दी जाती है। सिर्फ जरूरी चीजों के लिए ही घर से बाहर जाने की अनुमति दी जाती है। जिसके चलते अस्पताल, दवा व राशन की सेवा ही जारी रहती है।

कोरोना की वजह से पूरे विश्व में हड़कंप मच चुका है और अभी तक कोई भी देश इसकी वैक्सीन खोजने में सफल नहीं हुआ है।
कोविड -19 कोरोना वायरस को लेकर USA से अच्छी न्यूज़ आना शुरू हो गई है। यहां पर 20 मरीजों को वैक्सीन के जरिए ट्रायल पर लाने की कोशिश की जा रही है। अमेरिका में एक वैक्सीन पर ट्रायल शुरू कर दिया है। यह ट्रायल कम से कम 4 महीने तक चलेगा। इसके बाद ही इस वैक्सीन का मरीजों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

कोरोना की लड़ाई में भारतीय जनता ने जयघोष कर दिया है। आज भारत के कई शहरों में लोग शाम 5:00 बजे अपने घरों की बालकनी पर आए और उन्होंने शंक, थाली व घंटी बजाकर कोरोना के खिलाफ लड़ने वाले लोगों का समर्थन दिया। और यह जयघोष शहरों के साथ-साथ गावों में देखने को मिला।

भारत में कोरोना तेजी से फैलता जा रहा है। भारत में कोरोना के मरीजों की तादाद 400 के पार हो चुकी है। भारत में पिछले 24 घंटे में संक्रमित लोगों में 72 फ़ीसदी बढ़ोतरी हुई है। हर बीतते दिनों के साथ कोरोना बढ़ता जा रहा है। इस हालत के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू का ऐलान किया है जो सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक रहेगा।

महाराष्ट्र सरकार ने भी कोरोना पर कई बड़े फैसले लिए हैं। सरकार की ओर से यह फैसला लिया गया है कि अब तक जितने भी लोगों को क्वांरटाइन किया है। उनका घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा और संक्रमित लोगों के घर ना मिलने पर पुलिस कार्रवाई की जाएगी। सर्वे के जरिए अधिक जानकारी ली जाएगी।
महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 89 मरीज कोरोना से संक्रमित पाए और महाराष्ट्र के चार शहरों को पूरी तरह से बंद कर दिया है।

केरल में संक्रमित लोगों की संख्या 53 हो चुकी है। जिनमें से 3 मरीज ठीक है। भारत में अब तक 28 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं।

दिल्ली में कोरोना की दहशत से मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपील की है कि बुजुर्ग व्यक्ति ‘मॉर्निंग वॉक’ के लिए नहीं निकले। सरकारी अनाज भी 50 फ़ीसदी तक बढ़ा दिया जाएगा।  30 मार्च से पूरे अप्रैल के लिए सरकारी राशन मिलेगा। केजरीवाल ने कहा कि जरूरत पड़ने पर पूरी दिल्ली को लॉकडाउन किया जा सकता है।
दिल्ली में कल मेट्रो ट्रेन बंद रहेगी और रोजाना के मुकाबले बसों की भी संख्या आधी रहेगी। ‘जनता कर्फ्यू’ से पहले दिल्ली के बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। 23 मार्च तक सभी बाजार पूरी तरह से बंद कर दिए हैं।

इधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कोरोना से लड़ने का प्राण लिया है और दिहाड़ी मजदूरों को ₹1000 मासिक देने की घोषणा की है। लोगों की सुरक्षा के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। यूपी में बीपीएल परिवारों को 20 किलो गेहूं तथा 15 किलो चावल मुफ्त में सरकार द्वारा दिया जाएगा।

क्या आपको पता है कि कोरोनावायरस किस चीज पर कितने समय तक जिंदा रहता है? हम आपको बताने जा रहे हैं कि कोरोना वायरस सबसे ज्यादा प्लास्टिक पर 3 दिन तक जिंदा रहता है। कार्डबोर्ड पर लगभग 24 घंटे तक यह वायरस जीवित रहता है। स्टील पर 12 घंटे तथा कॉपर पर 4 घंटे तक  कोरोना जिंदा रहता है।

जयपुर एयरपोर्ट पर आज 14 कोरोना संदिग्ध मिले हैं। जिन्हें जयपुर के हॉस्पिटल में ले जाकर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जयपुर में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को 29 मार्च तक बंद कर दिया गया है। जयपुर के बाजारों को 3 दिन तक बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। आपको बता दें राजस्थान में अब तक 23 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं।

बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर को कोरोना संक्रमित पाए जाने पर यूपी की राजधानी लखनऊ से लेकर कानपुर तक हड़कंप मच गया है। क्योंकि लंदन से आने के बाद कनिका कपूर इन जगहों पर पहुंची थी। अब योगी सरकार कई कदम उठा रही है। लखनऊ के ताज होटल को सैनेटाइज करने के आदेश जारी कर दी है जहां कनिका लंदन से आने के बाद इस होटल में गई थी। इसके साथ सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ कानपुर तथा नोएडा को पूरी तरह सैनिटाइज करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

दिल्ली सरकार ने कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया है। दिल्ली में IPL 2020 समेत सभी खेल गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। दिल्ली में सभी तरह के सम्मेलन एवं सेमिनार रद्द कर दिए गए हैं वही 31 मार्च तक दिल्ली में सभी स्कूल व कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
दफ्तरों एवं मॉल्स को सैनिटाइज किया जाना जरूरी कर दिया है। रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड को भी सैनिटाइज करने के आदेश दे दिए हैं।

भारत में कोरोनावायरस की वजह से अब तक 433  मामले सामने आ चुके। कोरोना की वजह से कॉलेज, स्कूल, मॉल सब कुछ बंद कर दिए गए हैं। एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग भी अच्छी तरीके से की जा रही है। दूसरी तरफ मास्क नहीं मिलने के कारण लोग काफी परेशान हैं।
RSS का बेंगलुरु में कल से शुरू होने वाला कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया है। 16 मार्च को होने वाला इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट कोरोना वायरस की वजह से रद्द कर दिया गया है।
दुनिया भर में इस वायरस को लेकर इस समय दहशत फैली हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (W.H.O.) भी इस मामले में कई तरह की चेतावनी जारी कर चुका है और कई सूचनाएं भी दे चुका है।

कोरोना वायरस के लक्षण :-

इस वायरस से खांसी, जुकाम एवं श्वास लेने में दिक्कत होना इसके मुख्य लक्षण है। अगर यह वायरस गंभीर रूप से किसी व्यक्ति को हो जाता है तो उसे ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। अगर एक्स-रे करवाएं तो वाइट पैंचेज एक्स-रे में आते हैं जो निमोनिया के पैंचेज होते हैं और ये पैंचेज ज्यादा गंभीर लोगों में होते हैं। अगर यह वायरस गंभीर रूप ले लेता है तो व्यक्ति के शरीर के सभी अंगों को ग्रसित कर देता है।

कोरोना वायरस से बचने का उपाय :-

कोरोना वायरस से ग्रसित व्यक्ति से कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखें।
आपके आस-पास किसी व्यक्ति को जुकाम, खांसी एवं बुखार से संबंधित परेशानी आ रही है, तो उसे तुरंत बड़े चिकित्सक के पास ले जाए।
कोविड -19 संक्रमित व्यक्ति अपने मुंह पर मास्क लगाकर रहे।
वायरस से सक्रमण व्यक्ति से हाथ न मिलाए क्योंकि हाथ मिलाने से वायरस आपको भी संक्रमित देगा।

What is Static Electricity And Ohm law

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Hello friends, in this chapter of today we will get all the information about static electricity.

Introduction – The branch of physics under which static charges and internal actions are studied is called static electricitye.

Charge – Like mass, the basic property of a particular substance or particle, due to which the substance or particle exhibits electrical and magnetic effects, this property of the substance is called charge.

Charge is a vector sign. In SI system of chrage, the unit is coulomb’s.
The largest unit of charge is Faraday.
1 Faraday = 96500 coulomb’s.

What is Static Electricity And Ohm law
Static Electricity 

The charge and number was given by Benjamin Franklin. The same scientist had invented the lightning conductor.

Copper metals are used in the manufacture of lightning conductors.
The inventor of friction electrode is called ‘Thales’.

The rate of flow of charge in the conductor is called electric current.
In a coulomb charge, 18 electrons are driven to a power of 6.25 × 10.

The work done in bringing the unit positive charge from infinity to a point of electric field is called electric potential.
The difference of potential between two points of an electric field is called a differential.

Its unit is joules per coulomb or Volt.

Ohm’s Law – Scientists Ohm established a relationship between the resistance present in a serial circuit, the variation produced between the ends of the resistance and the current flowing in the resistance, which is called Ohm’s law.

According to George Simon Ohm’s law, if the physical states of a conductor are stabilized, the current generated at the ends of the conductor is proportional to the current.

Coulomb’s Law – According to the rules of coulomb, the electric force or coulomb force between any two fixed and point charles augustin de coulomb particles located in a vacuum is proportional to the product of the quantities of these charges and the distance between them is inversely proportional to the distance.

Principal Of Superposition – With the help of Coulom’s law, it is possible to interpret the electric force exerted on another charged particle due to a charged particle located at one point. But the force exerted on another charged particle due to two or more charged particles cannot be explained by Coulom’s law. For this, imputation principles are used.

According to superimposition theory, the resulting electric force on any other point-charged particle due to two or more doped charged particles is equal to the vector sum of the coulom forces acting independently due to these charged particles.

Electric Field – A charged particle produces a field due to its charge, in which other charged particles experience force. The other charged particle in the field generated due to the charge of energy per unit charged particles, is called electric force, and the force experienced by the other charged particle is called electric force.

Testing Charge – The charged particle is always used to check the electric field, which is called test charge.

Test charge, ie the charge at which the amount of charge is small and due to its presence, the electric field being investigated is almost unaffected, then this charge is called test charge, which is usually expressed as q0.

Lines Of Electric Force – The imaginary and acute curves drawn to explain the design of electric field are called electric force lines. In other words, if a test charge is placed freely in an magnetic fields, the path on which the test charge tries to move is called electric force lines.

Characteristics of electric force lines – (¡) These are imaginary and acute curves.

(¡¡) If a test charge is placed freely in the electric field, these force lines represent the path on which the test charge moves to attempts.

(¡¡¡) If a tangent is drawn to the electric force line at a point, then this tangent shows the direction of the intensity of the electric field at that point.

(¡v) These force lines do not cross because two directions of electric field intensity at the same point are not possible.

(v) Electric force lines form open curves that begin at positive and negative charge.

(vi) These force lines do not enter the charged conductor.

(vii) These force lines always reflect the surface of the charged conductor.

(viii) This force line is like a elastic cord that tries to shrink. This is why there is attraction between opposite charges attract.

(ix) There is mutual repulsion between these force lines. This is why repulsion occurs between similar charges.

(x) If a surface is visualized in an electric force between charged, then the number of electric force lines passing through the area per unit perpendicular to that page is proportional to the intensity of the electric field.

Electric Potential And Potential Difference – Two physical amounts are used to express the characteristics of the electric field.

(¡) Electric field intensity which is a vector physical amount.
(¡¡) Electrical potential or potential difference, which is a scalar physical amount. Which is defined as follows.

When the test charge Qo is displaced from infinity to a point in the electric field, the work done against the electric field and the ratio of the amount of the test charge is called the electric potential energy, which is normally expressed by V.

Potential Difference – The difference of potential between any two points in an electric field is called a differential.

भारत में कोरोना वायरस के मरीजों में बढ़ोतरी हुई, अब तक 327 लोग संक्रमित

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कोरोना को लेकर पिछले दो महीनों से चीन में और अब पूरी दुनिया में हाहाकार मच गया है। इंग्लैंड से लेकर अमेरिका तक इस वायरस ने हड़कंप मचा दिया है और अब तो भारत में भी कोरोना ने पैर पसार दिए थे। 

चीन से निकले इस जानलेवा वायरस का अभी तक कोई इलाज नहीं मिला है आखिर तक कोरोना की तह तक पहुंचना बहुत ही जरूरी है। आखिरकार को रोना नाम का वायरस कैसे आए और कब खत्म होगा? इस वायरस से पूरी दुनिया में खौफ फैल चुका है। भारत में भी यह वायरस लगातार बढ़त बना रहा है।

भारत में कोरोना वायरस के मरीजों में बढ़ोतरी हुई, अब तक 327 लोग संक्रमित

इटली में लगातार कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। वहां के अस्पताल मरीजों से भर गए हैं। कोरोना वायरस की वजह से इटली में चीन से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहां पर सभी सुपर मार्केट को बंद कर दिया गया है। लोगों को रोजमर्रा की वस्तुओं के लिए एक-एक करके आने की अनुमति दी है।

अब भारत की बात करें तो भारत में कोरोना तेजी से फैलता जा रहा है। भारत में कोरोना के मरीजों की तादाद 300 के पार हो चुकी है। भारत में पिछले 24 घंटे में संक्रमित लोगों में 72 फ़ीसदी बढ़ोतरी हुई है। हर बीतते दिनों के साथ कोरोना बढ़ता जा रहा है। इस हालत के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू का ऐलान किया है जो सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक रहेगा।

महाराष्ट्र सरकार ने भी कोरोना पर कई बड़े फैसले लिए हैं। सरकार की ओर से यह फैसला लिया गया है कि अब तक जितने भी लोगों को क्वांरटाइन किया है। उनका घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा और संक्रमित लोगों के घर ना मिलने पर पुलिस कार्रवाई की जाएगी। सर्वे के जरिए अधिक जानकारी ली जाएगी। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 73 मरीज कोरोना से संक्रमित पाए और महाराष्ट्र के चार शहरों को पूरी तरह से बंद कर दिया है।
केरल में संक्रमित लोगों की संख्या 53 हो चुकी है। जिनमें से 3 मरीज ठीक है। भारत में अब तक 28 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं।

दिल्ली में कोरोना की दहशत से मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपील की है कि बुजुर्ग व्यक्ति ‘मॉर्निंग वॉक’ के लिए नहीं निकले। सरकारी अनाज भी 50 फ़ीसदी तक बढ़ा दिया जाएगा।  30 मार्च से पूरे अप्रैल के लिए सरकारी राशन मिलेगा। केजरीवाल ने कहा कि जरूरत पड़ने पर पूरी दिल्ली को लॉकडाउन किया जा सकता है। दिल्ली में कल मेट्रो ट्रेन बंद रहेगी और रोजाना के मुकाबले बसों की भी संख्या आधी रहेगी। ‘जनता कर्फ्यू’ से पहले दिल्ली के बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। 23 मार्च तक सभी बाजार पूरी तरह से बंद कर दिए हैं।

इधर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कोरोना से लड़ने का प्राण लिया है और दिहाड़ी मजदूरों को ₹1000 मासिक देने की घोषणा की है। लोगों की सुरक्षा के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। यूपी में बीपीएल परिवारों को 20 किलो गेहूं तथा 15 किलो चावल मुफ्त में सरकार द्वारा दिया जाएगा।
क्या आपको पता है कि कोरोनावायरस किस चीज पर कितने समय तक जिंदा रहता है? हम आपको बताने जा रहे हैं कि कोरोना वायरस सबसे ज्यादा प्लास्टिक पर 3 दिन तक जिंदा रहता है। कार्डबोर्ड पर लगभग 24 घंटे तक यह वायरस जीवित रहता है। स्टील पर 12 घंटे तथा कॉपर पर 4 घंटे तक  कोरोना जिंदा रहता है।

जयपुर एयरपोर्ट पर आज 14 कोरोना संदिग्ध मिले हैं। जिन्हें जयपुर के हॉस्पिटल में ले जाकर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जयपुर में अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को 29 मार्च तक बंद कर दिया गया है। जयपुर के बाजारों को 3 दिन तक बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। आपको बता दें राजस्थान में अब तक 23 लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं।
कोरोना वायरस से लगभग 170 देश प्रभावित है और दो लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं।

Coronavirus Update : 258,845 Cases and 10,000 Virus Outbreak

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  • Coronavirus Update : 258,845 Cases and 10,000 Virus Outbreak

Hello Guys, hope all is well. Today (march 20) we talk about the Coronavirus which created panic all over the world.

The Coronavirus has spread like fire all over the world. Coronavirus has reached 166 countries in the world.

stay at home order, March 17, march 16, slow the spread, disease control and prevention, control and prevention cdc.

Coronavirus Update : 258,845 Cases and 10,000 Deaths from COVID-19 Virus Outbreak
Covid -19

Covid -19 has infected more than 258,845 people in the worldwide. At the same time, more than 10,000 people have died. The scope of virus infection is constantly increasing. Meanwhile increasing distance each other is said to be the best way to avoid it.

The Coronavirus covid-19 is now growing rapidly in India as well. On this Prime Minister Narendra Modi addressed the people of the country. Modi described Corona as a crisis that has put the entire living world in danger. He also said that resolution and restraint is needed to combat the epidemic.
PM Modi also said that Janata Curfew is to be followed from 7:00 am to 9:00 pm on Sunday, March 22. During this Janata Curfew, no citizen should come out of their homes, care facility neither take to the streets nor gather, only those people who come out of the houses are necessarily working.
Corona in India has spread to 18 states and the total number of infected patients has reached 169. Today, after the death of a patient, the number of people who died of this virus in India has increased to 4. To check this virus, the Central Government has centers for disease control banned international aircraft for 1 week.
In Rajasthan, in the last 24 hours, 3 new patients have been infected with this virus and the number of patients has been increased to 7. State of emergency CBSE has postponed the examination till 10th and 12th and universities have also banned all examinations. In executive order to avoid gathering of crowds in the entire state, Section 144 has been implemented where people will not be able to gather together in public places.
In Rajasthan, the corona virus is spreading rapidly due to which Section 144 has been imposed in many cities.
The maximum number of deaths due to this virus was 1027 confirmed case worldwide on Wednesday. The maximum of 622 deaths occurred in Italy and 147 in Iran, with the death toll reaching 8892.
The effect of this virus is now being seen in the stock markets as well. Stock markets are continuously declining. For the first time in 3 years, the Sensex stopped below twenty nine thousand.
The country of China has almost controlled the corona. While the virus is growing 10 times faster in the world. There were 11 deaths in China on Wednesday, now only 13 new patients have been infected with the virus.
Speaking of today, this day is very special for China because not a single patient got Corona infected on this day.
This is the first time in China since the onset of the Corona infection last year. Coronavirus originated in the city of Wuhan in China and in the past, hospitals in Wuhan were filled with patients.
Thousands of new infections were coming in every day, but today the picture has changed. For the first time after nearly two months, the people of the city were allowed to move out of their homes.

Corona virus continues to spread in the United States America. US President Donald Trump has said that Navy hospitals are sending cruise ship to New York. Where there is highest risk of infection. Donald Trump is claiming complete victory over this virus.
Trump said that we are getting some good results of Corona and we will soon find a cure for it. Clinical Trials are underway for several new treatments.
All countries are engaged in making many types of vaccines to get rid of this virus. This virus is becoming very dangerous for public health. The health Officials (World Health Organization) has also issued orders to bring down the people in India

आवर्त सारणी – संपूर्ण जानकारी हिंदी में

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किसी समूह में ऐसे समान गुणों वाले अवयवों को अलग करके एक व्यवस्थित रूप में रखना वर्गीकरण कहलाता है। शुरुआत में जब तत्वों की संख्या कम थी, उस समय उनके वर्गीकरण की आवश्यकता नहीं हुई लेकिन बाद में तत्वों की संख्या बढ़ती गई तो उनका सरल एवं क्रमबद अध्ययन करने के लिए वर्गीकरण की आवश्यकता हुई।

आवर्त सारणी - संपूर्ण जानकारी हिंदी में
आवर्त सारणी

1. लेबोजियर            –         धातु /अधातु
2. डोबरनियर           –           त्रिक नियम
3. न्यूलैंड                –          अष्टक नियम
4. मेंडलीफ         –    आवर्त सारणी (परमाणु भार)
5. मौझले           –    आधुनिक आवर्त सारणी                                                            (परमाणु क्रमांक)

तत्वों का सर्वप्रथम वर्गीकरण डोबरनियर ने किया था। डोबरनियर ने सन् 1829 में समान गुण वाले तत्वों को तीन-तीन तत्वों के समूह में रखा है, जिन्हें त्रिक कहा गया।

मेंडलीफ का आवर्त नियम :- 

तत्वों का सर्वप्रथम आवर्ती वर्गीकरण मेंडलीफ द्वारा किया गया था। आवर्त सारणी का निर्माण 1869 में मेंडलीफ द्वारा किया गया था। मेंडलीफ के अनुसार किसी तत्व के रासायनिक व भौतिक गुण उस तत्व के परमाणु भार के आवर्ती फलन होते हैं। यहां आवर्ती फलन से तात्पर्य यह है कि यदि इन तत्वों को उनके परमाणु भार के बढ़ते हुए क्रम में रखा जाए तो समान भौतिक व रासायनिक गुण वाले तत्वों की एक निश्चित समय अंतराल के बाद उनके गुणों में पुनरावृत्ति होती है।

मेंडलीफ की आवर्त सारणी :- 

• आवर्त सारणी में 36 खानों को आवर्त तथा ऊर्ध्वाधर खानों को वर्ग कहते हैं।
• मेंडलीफ द्वारा 7 आवर्त एवं 9 वर्गो का निर्माण किया गया था।
• आवर्त सारणी में तत्वों को उनके परमाणु भारों के बढ़ते हुए क्रम में रखा गया है।
• वर्गों की संख्या 1 से 8 व एक शून्य वर्ग जो कि अक्रिय गैसों का है जिसे बाद में जोड़ा गया। क्योंकि मेंडलीफ में जब आवर्त सारणी बनाई उस समय अक्रिय गैसों की खोज नहीं हुई थी।
• आठवें व शून्य वर्ग को छोड़कर अन्य सभी वर्ग A व B में विभाजित है।
• वर्ग 8 वें वर्ग में तीन- तीन तत्वों को समूह में रखा गया है। अतः इस वर्ग में कुल 9 तत्व है।
• एक आवर्त में बाएं से दाएं ओर जाने पर तत्वों के गुण में क्रमिक परिवर्तन होता है, जबकि एक वर्ग के तत्वों के रासायनिक गुण लगभग समान होता है।

आधुनिक आवर्त नियम :- 

इस सारणी का निर्माण 1913 में मौझले द्वारा किया गया था। मौझले ने यह सिद्ध किया कि तेज गति के इलेक्ट्रॉन की धातु पर बौछार कराने पर प्राप्त X- किरणों की आवृत्ति (v) का वर्गमूल धातु के परमाणु के नाभिकीय आवेश के समानुपाती होता है।

आधुनिक आवर्त सारणी :- 

• मौझले के अनुसार किसी तत्व के भौतिक एवं रासायनिक गुण उसके परमाणु क्रमांक की आवर्ती फलन होते हैं।
• आधुनिक आवर्त सारणी में सात आवर्त एवं अट्ठारह वर्गों का निर्माण किया गया था।
• वर्तमान समय में ज्ञात तत्वों की संख्या 118 है।
• मौझले द्वारा आधुनिक आवर्त सारणी को चार भागों में बांटा गया है।

(¡) S -block (वर्ग- 1, 2) :- 
• वर्ग 1 के तत्व क्षार धातु तत्व कहलाते हैं।
• प्रथम वर्ग में पाई जाने वाली एकमात्र अधातु हाइड्रोजन (H) होती हैं और 2 वर्ग के तत्व क्षारीय मृदा धातु तत्व कहलाते हैं।

(¡¡) P -block (वर्ग-13,14,15,16,17,18) :- 
• वर्ग 14 के तत्वों का गलनांक उच्च होता है और वर्ग 15 के तत्व निकोंजेन्स कहलाते हैं। जिसका अर्थ- खाद बनाने से होता है।
जैसे- नाइट्रोजन, फास्फोरस।
• वर्ग 16 के तत्व चैल्कोजन कहलाते हैं। जिसका अर्थ- लवण बनाने से होता है।
जैसे- क्लोरीन क्लोरीन आयोडीन आदि।
• 17 वर्ग में हैलोजनों आते हैं
• सर्वाधिक क्रियाशील हैलोजन फ्लोरीन होता है तथा सबसे कम क्रियाशील आयोडीन होता है।
• कांच पर प्रहार करने वाले हैलोजन फ्लोरीन (F)  होती है।
• आयोडीन एकमात्र हैलोजन है जो ऊर्ध्वपातज है।
• 70 के वर्ग में पाए जाने वाले एकमात्र द्रव अधातु ब्रोमीन (Br) होती है।
• रेडियो एक्टिव एकमात्र हेलोजन एस्टेटिन हैं।

(¡¡¡) D -block :- 
• D -block के तत्वों को संक्रमण तत्व या परिवर्तन धातु तत्व कहा जाता है।
• 11 वें वर्ग के तत्व सिक्का धातु तत्व कहलाते हैं।
जैसे- सोना चांदी तांबा आदि।
• 12 वें वर्ग में पाए जाने वाली एकमात्र द्रव धातु पारा होती हैं।

(¡v) F -block :- 
• F -block के तत्वों को आंतरिक संक्रमण तत्व कहा जाता है।
F -block के तत्वों को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है –

(a) लैंथेनाइड श्रेणी :- परमाणु क्रमांक 57 से 71  तक के लौन्थेनॉन तत्व कहलाते हैं। प्रकृति में कम पाए जाने के कारण इन्हें दुर्लभ मृदा धातु तत्व कहते हैं।

लैंथेनाइड तत्वों को याद करने की ट्रिक :-

Trick- लड़ाई के लिए सीमा पर ना दो सामान पीएम यू गद्दार तबाही दोबारा होगी और तुम यहां लुटोगे ।

लेंथेनम                  La                लड़ाई
सीरियम                 Ce                सीमा
प्रेसडिमियम            Pr                 पर
नियोडामिमियम      Nd                 ना
प्रोमिथियम             Pm               पीएम
सैमरियम                Sm              सामान
यूरोपियम                Eu                यू
गैडोलोनियम           Gd               गद्दार
टर्बियम                   Tb              तबाही
डिस्प्रोसियम            Dy               दोबारा
होलामियम              Ho               होगी
उर्बियम                   Er                और
थूलियम                  Tm               तुम
यटेरबियम               Yb                यहां
लुथियम                  Lu               लुटोगे


(b) एक्टिनाइड श्रेणी :-  
• परमाणु क्रमांक 89 से 103 तक के तत्व एक्टिव तत्व कहलाते हैं।
• हीलियम सर्वाधिक आयनन विभव क्षमता वाला होता है।
• सर्वाधिक इलेक्ट्रॉन बन्धता क्लोरीन में होता है।
• सबसे कम इलेक्ट्रॉन बन्धता अक्रिय गैसों में होती है।
• सर्वाधिक विद्युत ॠणता वाला तत्व फ्लोरीन होता है।
• सबसे कम विद्युत ॠणता वाला तत्व सीजियम है।
• हीलियम गैस छोड़कर सभी अक्रिय गैसों के ब्राह्मतम कोश में 8 इलेक्ट्रॉन उपस्थित होते हैं।

Note :- D -block के  ¡¡B / 12 वाँ वर्ग में उपस्थित तत्व जिन्क (Zn), कैडमियन (Cd), पारा (hg) संक्रमण तत्व नहीं कहलाते हैं।
D -block के ¡B / 11 वाँ वर्ग में उपस्थित तत्व तांबा, चांदी, सोना सिक्का धातु कहलाते हैं।

दोस्तों यहां पर कई लोगों ने यह प्रश्न पूछा है कि 

प्रश्न- राई में कौन-कौन से तत्व पाए जाते हैं ?
उत्तर :- राई में खनिज तत्व, कार्बन के यौगिक तथा विटामिन जैसे तत्व पाए जाते हैं।

जल प्रदूषण क्या हैं – Water Pollution in Hindi

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‘जल ही जीवन है।’ यह मानता सर्वविदित है। जीवों के शरीर के संपूर्ण भार का दो तिहाई या 66% भाग जल ही है। मानव रक्त में 79%, मस्तिक में 80%, व हड्डियों में 10% जल की मात्रा निहित रहती है। इस प्रकार जल समस्त जैविक कारकों के शरीर के भागों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

परिभाषा :-  प्राकृतिक जल में किसी भी अवांछित बाह्य पदार्थ की उपस्थिति जिससे जल की गुणवत्ता में कमी आती हो जल प्रदूषण कहलाता है।
जल की गुणवत्ता का अर्थ- जल विभिन्न लाभदायक जैसे मानव तथा जंतुओं के लिए पेयजल के रूप में तथा पादपों के लिए उपयुक्त होता है।

जल प्रदूषण क्या हैं - Water Pollution in Hindi
प्रदूषित जल

जल प्रदूषण को निम्न आधारों पर बांटा जा सकता है-

1. भौतिक व रासायनिक गुणों के आधार पर-

(¡) भौतिक प्रदूषक :- सूक्ष्म कण, जीवाणु, जीवांश, गंध, कीचड़ इत्यादि।

(¡¡) रासायनिक प्रदूषक :-  सल्फाइड, अमोनिया, नाइट्रोजन, क्लोराइड, फ्लोराइड, कृत्रिम रसायन, पारा, नाइट्रेट्रस, लवण इत्यादि।

2. स्रोतों के आधार पर- 

(¡) कृषि संबंधित प्रदूषक :-  कीटनाशी, रासायनिक उर्वरक, शाकनाशी, पीड़कनाशी इत्यादि।

(¡¡) औद्योगिक प्रदूषक :- उद्योगों द्वारा छोड़े गए अपशिष्ट पदार्थ, रासायनिक तत्व जैसे- सल्फाइड, नाइट्रोजन, नाइट्रेट्स, अमोनिया, कार्बोनेट, क्लोराइड, सीसा, जस्ता, तांबा, पारा, आण्विक कचरा, गंदा जल आदि।

(¡¡¡) प्राकृतिक प्रदूषक :- विघटित जैविक सामग्री, ज्वालामुखी विस्फोट से निकला लावा, अपरदन अवसाद, विघटित जैविक सामग्री आदि।

3. जल प्रदूषण के कारक :- 

बढ़ती जनसंख्या तथा औद्योगिक एवं रासायनिक पदार्थों की अधिकता के कारण जल प्रदूषण होता है। इसके निम्न कारण है-
• प्रतिदिन नहाने, कपड़े धोने, बर्तन साफ करने आदि के प्रयोग के बाद दूसरे दल को नदियों में बहाने से।
• आनचाहे स्थान पर मल-मूत्र विसर्जन तथा सीवरेज लाइन से गंदा पानी व मल, अन्य जल स्रोतों से मिलने पर।
• उत्पादन बढ़ाने के लिए खेतों में उपयोग की जाने वाली रासायनिक खाद का वर्षा जल के साथ ख
घुलकर नदी, तालाबों व झीलों में प्रवाहित होने पर।
• समुद्रों के जल मार्ग से खनिज तेल ले जाने वाले जहाजों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर अथवा उनके द्वारा भारी मात्रा में तेल जल की सतह पर छोड़ने पर।
• अपमार्जक मिले जल को नदी में छोड़ने पर। ये अपमार्जक पानी की सतह पर ठोस कणों की पतली परत बना देते हैं जिससे सूर्य का प्रकाश जल में प्रवेश न कर पाने पर जल में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन न घुलने पर जीवों व वनस्पतियों पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है।
• फसलों को कीड़ों से बचाने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले कीटनाशक रसायन के वर्षा के जल में घुलकर नदी, तालाबों तक पहुंचने पर।
• नदियों के किनारे बसे नगरों में जीवाणु सहित मानव व पशुओं के शव नदियों में प्रवाहित करने पर।।
• कई स्थानों पर जली, अधजली लाश, प्रज्वलित अग्नि तथा राख नदी में प्रवाहित करने पर।
• उद्योगों में संयंत्रों को ठंडा रखने के लिए उपयोग में किया गया जल जो बाद में ऊष्ण हो जाता है इसे नदी, तालाबों तथा जल स्रोतों में प्रवाहित करने पर। इससे जल स्रोतों का तापमान बढ़ जाता है जो जीवों को हानि पहुंचाता है।

4. जल प्रदूषण के प्रभाव :-

जल प्रदूषण से मानव जीवन, जीव-जंतुओं तथा वनस्पतियों पर निम्न प्रभाव पड़ते हैं –
• जल प्रदूषण से जलीय जंतु जीवित नहीं पाते हैं जिससे जलीय जैव को विविधिता में कमी आ जाती है और खाद्य श्रृंखला प्रभावित होती है। 
• दूषित जल में कवक, बैक्टीरिया, शैवाल आदि तेजी से वृद्धि करते हैं। इनकी संख्या में वृद्धि से प्रकाश गहराई तक नहीं पहुंच पाता है जिससे पौधों की पादप संश्लेषण की क्रिया प्रभावित होती है और इनकी वृद्धि पर विपरीत असर पड़ता है। धीरे-धीरे इनकी संख्या कम होनी लगती है और इन पर आश्रित जन्तुओं की संख्या भी प्रभावित होती है। 
• प्रदूषित जल में कवक अधिक वृद्धि करते हैं व जलीय स्रोत इन्हीं से आच्छादित हो जाता है। ऐसी स्थिति में जल में ऑक्सीजन की कमी आ जाती है।  पर्याप्त ऑक्सीजन के अभाव में जलीय जीवों, विशेषकर मछलियों की मृत्यु होने लगती है।
• जब जल स्रोतों में हानिकारक पदार्थों की मात्रा बढ़ जाती है तो इसमें उपस्थित पौधे व बैक्टीरिया के उपयोग की क्षमता से अधिक कार्बनिक और अकार्बनिक पदार्थ एकत्रित होने लगते हैं जिनको ये बैक्टीरिया अपघटित नहीं कर पाते हैं। ऐसे पदार्थों की अतिरिक्त मात्रा जल के तल में बैठती रहती है।  जिससे जल स्रोत उथले व प्रदूषित हो जाते हैं।  ऐसी स्थितियों में जलचरों पर विपरीत प्रभाव डालती है।  • दूषित जल पीने से हैजा, टायफाइड, पेचिश, दस्त आदि बैक्टीरिया रोग होने लग जाते हैं।
• प्रदूषित जल पीने से आंतों के परजीवी जैसे एस्केरिस और फीताकृमि भी मानव शरीर में पहुंचकर अनेक रोग उत्पन्न करते हैं।
• प्रदूषित जल के संपर्क में आने से चर्म रोग, आंखों के रोग इत्यादि हो जाते हैं।
• जल में फ्लोराइड की अधिकता से हड्डियां टेढ़ी हो जाती है।
• भूमिगत जल में बाई-कार्बोनेट की अधिकता से बदहज़मी हो जाती है।
• नाइट्रेट पेयजल में मिलाने पर मानव शरीर में पहुंचने पर रक्त में हीमोग्लोबिन के साथ संयुक्त होकर रक्त की ऑक्सीजन वहन क्षमता को क्षीण कर देते हैं।

5. जल प्रदूषण नियंत्रण के उपाय :- 

• मानव के दैनिक क्रियाकलापों द्वारा दूषित जल को शुद्ध करने की व्यवस्था होनी चाहिए जिससे यह जल सिंचाई, बागवानी इत्यादि के काम आ सके।
• मरे हुए पशु-पक्षियों, अनुपयोगी वनस्पति इत्यादि को जल स्रोत में विसर्जित नहीं करना चाहिए।
• जल स्रोतों के आसपास नहाना, बर्तन धोना, कपड़े धोना, नित्यकर्म नहीं करना चाहिए।
• नदियों,तालाबों, झीलों में वाहनों के धोने के लिए कड़े नियम लगाने चाहिए।
• जल शुद्ध करने के विभिन्न उपाय जैसे-े निथारना,  उछालना, यांत्रिक साधनों द्वारा जल को शुद्ध किया जाना चाहिए।
• यह सभी को मिल-जुलकर प्रयास होना चाहिए कि अनुपयोगी सामान, अपशिष्ट पदार्थ, पूजा सामग्री इत्यादि जल में प्रवाहित न की जाए।
• जल स्रोतों से गंदगी, पौधे, शैवाल आदि समय-समय पर निकालने चाहिए।
• प्रज्वलित अग्नि, शवों व राख को नदी में प्रवाहित नहीं करना चाहिए।

धातु और अधातु की परिभाषा, उनमें अंतर तथा गुण -Science

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धातुएं हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। प्रकृति में ज्ञात 109 तत्वों में से 80 से अधिक तत्व धात्विक गुण प्रदर्शित करते हैं। तांबा, चांदी तथा सोने का सिक्का धातुएं कही जाती हैं। कैल्शियम हड्डियों में, आयरन रक्त में तथा मैग्नीशियम क्लोरोफिल नामक यौगिक के केंद्र में पाया जाता है।

धातु के गुण 

(i) धातुओं में परमाणु एक निश्चित संरचना में जुड़े होते हैं।
(ii) धातुओं की उच्च विद्युत एवं ताप चालकता होती हैं।
(iii) दो या दो से ज्यादा धातुओं को मिलाकर मिश्र धातुएं बनायी जाती हैं।
(iv) धातुओं में परमाणु एक निश्चित संरक्षण में जुड़े होते हैं।
(v) धातुओं में आघातवर्धनीयता व तन्यता का गुण होता है जिसके कारण धातुओं की पतली चादर बना सकते हैं एवं तार खींचे जा सकते हैं।
(vi) ये इलेक्ट्रॉन त्याग कर धनायन बनाते हैं।
(vii) इनमें धात्विक चमक होती हैं।

धातु और अधातु की परिभाषा, उनमें अंतर तथा गुण -Science

धातुकर्म के सामान्य सिध्दांत एवं मुख्य पद 

प्रकृति में पाए जाने वाली अधिकांश धातुओं के यौगिक खनिज (Mineral) कहलाते हैं। जिन खनिज पदार्थो से धातुएं सुगमता व कम खर्च में प्राप्त की जाती हैं, उन्हें अयस्क कहते हैं।
विभिन्न अयस्कों में धातुओं के यौगिक के अतिरिक्त रेत, कंकड़, पत्थर तथा अन्य अवांछित पदार्थ होते हैं। किसी भी अयस्क को धातु के निष्कर्षण के लिए उपयुक्त बनाने हेतु इससे अवांछित पदार्थों को अलग करना आवश्यक होता है।
धातुओं को उनके अयस्कों से निष्कर्षित करने के प्रक्रम को धातु कर्म कहते हैं।
धातुकर्म प्रक्रम, अयस्क की एवं उसमें उपस्थित अशुद्धियों की प्रकृति पर निर्भर करता है।

धातुकर्म प्रक्रम में काम आने वाले सामान्य पद जो इस प्रकार है :-

1. अयस्क का प्रसाधन :- अयस्क में उपस्थित बेकार वस्तुएं जैसे कंकड़, पत्थर, रेत आदि उपस्थित होते हैं, जिन्हें बीनकर या छानकर अलग करना अयस्क का प्रसाधन कहलाता है।
इन टुकड़ों को बॉल या इस स्टैम्प मिल की सहायता से महीन चूर्ण में बदला जाता है, इस प्रक्रिया को चूर्णीकरण कहते हैं।

2. अयस्क के सांद्रण :- प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त अयस्क में से अवांछित पदार्थों का निष्कासन, अयस्क का सांद्रण कहलाता है। अर्थात् अयस्क में धातु की मात्रा का प्रतिशत बढ़ाने की क्रिया को अयस्क का सांद्रण कहते हैं।
अयस्क को सान्द्रित करने की निम्न विधियां होती है-
(i) गुरुत्वीय पृथक्करण विधि :- यह विधि इसी सिद्धांत पर आधारित है कि यदि अयस्क को जल की धारा में रखा जाए तो कम घनत्व होने के कारण मिट्टी, रेत आदि तो बहकर निकल जाते हैं और उच्च घनत्व वाले भारी तत्व वहीं रह जाते हैं। इस विधि के अंतर्गत चूर्णित अयस्क को ढ़लवा प्लेटफार्म पर रखते हैं तथा उस पर जल की प्रबल धारा प्रवाहित करते हैं। अयस्क के कण भारी होने के कारण वहीं रह जाते हैं।

(ii) चुंबकीय पृथक्करण विधि :- चुंबकीय अयस्कों को इस विधि से अलग किया जाता है। अयस्क के चूर्ण को एक पट्टे पर डालकर पट्टे को एक विद्युत चुंबक युक्त चक्र पर घुमाया जाता है। अयस्क नीचे गिरते समय दो ढेरियों में बदल जाता है। बाहर की ओर बाली ढ़ेरी अचुंबकीय पदार्थ वाली होती है तथा भीतरी ढ़ेरी में विद्युत चुंबक के आकर्षण से प्रभावित चुंबकीय पदार्थ होता है। यह विधि लोहे के अयस्कों को सान्द्रित करने के काम आती है।

(iii) झाग प्लवन विधि :- यह विधि अयस्क एवं अशुद्धियों के कणों की पानी एवं तेल में भीगने के गुण में अंतर के सिद्धांत पर आधारित है। यह विधि उन धातुओं को निष्कर्षित करने के काम आती है जिसमें अयस्क के कारण तो तेल के द्वारा तथा अशुद्धियां पानी के द्वारा भीगती है। ऐसे प्रक्रम को झाग प्लवन विधि कहते हैं।
इस विधि से सल्फाइड अयस्कों का सांद्रण किया जाता है।
(iv) रासायनिक विधि :- इस विधि में अयस्क को रासायनिक विधि द्वारा किसी पदार्थ के साथ क्रिया करवाकर अधात्री से पृथक किया जाता है। सांद्रण की इस विधि को निक्षालन भी कहते हैं। सांद्रण की इस विधि में अयस्क से अधात्री के साथ अशुद्धियों के रूप में विद्यमान अन्य धात्विक यौगिकों का भी पृथक्करण हो जाता है और इस प्रकार अयस्क का एक प्रकार से शुद्धिकरण भी हो जाता है। इस विधि का उपयोग प्रमुख रूप से एलुमिनियम का सांद्रण करने में होता है।

धातु का शुद्धिकरण

उपर्युक्त विधियों से प्राप्त धातुएं पूर्णतः शुद्ध नहीं होती है। पूर्णता शुद्ध धातु प्राप्त करने के लिए धातु एवं उसमें उपस्थित अशुद्धियों के आधार पर विभिन्न प्रकार की विधियां काम में ली जाती हैं। धातुओं का शुद्धिकरण वतन उर्ध्वपातन, आसवन, गलनिक पृथक्करण या वैद्युत अपघटन द्वारा किया जाता है। इन विधियों से वैद्युत अपघटन विधि अधिकांश धातुओं के परिशोधन में काम आती हैं। इस विधि के अंदर धातु के लवण विलियन को वैद्युत सेल में लेते हैं। अशुद्ध धातु की मोटी छड़ एनोड तथा शुद्ध धातु की पतली छड़ कैथोड के रूप में काम में लेते हैं। सोना, चांदी, तांबा तथा एलुमिनियम आदि धातुओं इस विधि से शुद्ध रूप में प्राप्त की जाती है।

लोहे का धातु कर्म

लोहे के महत्व का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि संसार में लोहे का उत्पादन अन्य सभी धातुओं के सम्मिलित उत्पादन का 20 गुना अधिक है। इस धातु का ज्ञान मनुष्य को अत्यंत प्राचीन समय से हो रहा है।
लोहा प्राणियों और वनस्पतियों के शरीर का आवश्यक अंग है तथा उनकी जीवन संसार की प्रणालियों को सुचारू रूप से चलाने में इसका महत्वपूर्ण योगदान है।
रक्त में हीमोग्लोबिन में इसकी उपस्थिति आवश्यक है।

लोहे के मुख्य अयस्क :- लोहा मुक्त अवस्था में प्रकृति में नहीं पाया जाता परंतु संयुक्त अवस्था में एलुमिनियम के बाद लोहा ही पृथ्वी पर सर्वाधिक मात्रा में पाया जाता है। यह धातु मुख्य रूप से ऑक्सोसाइडों के रूप में पाई जाती हैं। इसके साथ-साथ सल्फाइड तथा कार्बोनेट के रूप में भी लोहा प्रकृति में पाया जाता है। लोहे के निम्न मुख्य अयस्क है-

अवस्था           अयस्क का नाम  अयस्क का सूत्र

1. ऑक्साइड  हेमेटाइट                Fe2O3
                     मैग्नेटाइट              Fe3O4
                   लिमोनाइट              Fe2O3 • H2O
2. सल्फाइड  आयरन पायराइट      FeS2
3. कार्बोनेट     सिडेराइट               FeCO3

मिश्र धातुएं :- धातुएं साधारण विलायकों जैसे- अल्कोहल, जल, ईथर आदि में अविलेय होती है परंतु जब एक धातु को दूसरी धातु या अधातु के साथ पिघली हुई अवस्था में विलेय किया जाता है तो उनका एक समांग द्रव मिश्रण  बन जाता है। ठंडा करने पर यह ठोस में परिवर्तित हो जाता है। इस समांग ठोस मिश्रण को मिश्र धातु कहते हैं।
उदाहरण- कोपर (Cu) एवं टिन (Sn) धातु धातुएं आपस में विलेय होकर कांसा मिश्र धातु बनाती हैं जबकी मिश्र धातु सिलिकॉन स्टील में लौह धातु तथा कार्बन एवं सिलिकॉन अधातु उपस्थित होते हैं। पारे से बने मिश्र धातु अमलगम कहलाते हैं। जैसे-जिंक अमलगम, सोडियम अमलगम आदि।

मिश्र धातुओं का वर्गीकरण :- 
मिश्रित धातुओं को दो भागों में वर्गीकृत किया गया है –
1. लौह मिश्र धातु :- वे मिश्र धातु जिनमें लौहा एक मुख्य अवयवी तत्व होता है, लौह मिश्र धातु कहलाते हैं। इन्हें स्टील मिश्र धातु भी कहा जाता है। उदाहरण- क्रोमनिकल स्टील, क्रोमियम स्टील, सिलिकन स्टील, मैग्नीज स्टील, निकिल स्टील, टंगस्टन स्टील, मॉलिब्डेनम स्टील, कोबाल्ट स्टील तथा वेनेडियम स्टील आदि।

2. अलौह मिश्र धातु :- वे मिश्र धातु जिनमें लोहा एक मुख्य अवयवी तत्व नहीं होता है, अलौह मिश्र धातु कहलाते हैं।
उदाहरण- बियरिंग मिश्र धातु, संगलनीय मिश्र धातु लेड, टिन मिश्र धातु, डाई कास्टिंग मिश्र धातु आदि।

इस्पात में मिश्र धात्विक तत्व का प्रभाव

(1) क्रोमियम स्टील :- 12 प्रतिशत से अधिक क्रोमियम युक्त लोहा stainless-steel कहलाता है। यह कठोर एवं दृढ़ होने के कारण इसका उपयोग घर्षण बेलनों, प्रक्षेपकों, बॉल बियरिंग व चट्टानों को तोड़ने वाले उपकरणों के निर्माण में किया जाता है। क्रोमियम स्टील संक्षारण प्रतिरोध होने के कारण सर्जिकल उपकरणों, घरेलू बर्तन, तेल रिफाइनरी, रासायनिक कारखाना आदि में प्रयुक्त होते हैं।

(2) क्रोम निकल स्टील :- क्रोमियम एवं निकिल की उपस्थिति से स्टील में सामर्थ्य, मजबूती एवं कठोरता में वृद्धि होती है। ऐसी स्टील जिसमें 1 से 4% निकिल तथा 0.5 से 2% क्रोमियम हो वह स्टील गियर एक्सेल, भारी टैंक, बुलेट जैकेट आदि बनाने में प्रयुक्त होते हैं।

(3) निकिल स्टील :- ऐसी स्टील जिसमें 2.5 से 4% निकिल हो वह मजबूत, कठोर एवं संक्षारण प्रतिरोध भी होती है । दीर्घ विस्तृत पुलों, गन ट्यूब आदि के निर्माण में उपयुक्त होती है। 36% निकिल युक्त स्टील इनवार कहलाता है।

(4) सिलिकॉन स्टील :- सिलिकॉन, स्टील को कठोर बनाता है तथा उसकी संक्षारण प्रतिरोधकता को बढ़ाता है। ऐसी स्टील जिसमें 0.1 प्रतिशत कार्बन तथा 2.5% सिलिकॉन हो उसे आसानी से चुंबकीय एवं विचुंबकीय किया जा सकता है।

(5) मैग्नीज स्टील :- 2% सिलिकॉन, 0.5 प्रतिशत कार्बन तथा 0.7 प्रतिशत मैग्नीज युक्त स्टील कठोर, मजबूत एवं अत्यधिक ऊर्जा एकत्रित करने वाला होता है। इसका उपयोग जनरेटर एवं ट्रांसफार्मर में कुंडलित क्रोड बनाने में किया जाता है।