हृदय परिसंचरण तंत्र – क्या है, कैसे कार्य करता है सम्पूर्ण जानकारी हिन्दी में

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हृदय परिसंचरण तंत्र का अर्थ होता है रक्त का संपूर्ण शरीर में परिक्रमण। हृदय एक पेशिय अंग होता है। मानव हृदय 1 मिनट में 72 बार धड़कता है। यह शंकु आकार की होता है।

आपकोे इस अध्याय में हृदय परिसंचरण तंत्र क्या है, यह कैसे कार्य करता है, शिराएं एवं धमनियों के बारे में और मानव हृदय से संबंधित सारी महत्वपूर्ण जानकारी आपको पढ़ने के लिए मिलेगी।

हृदय परिसंचरण तंत्र - क्या है, कैसे कार्य करता है सम्पूर्ण जानकारी हिन्दी में
Human Heart Diagram 

हृदय परिसंचरण तंत्र का अर्थ होता है रक्त का संपूर्ण शरीर में परिक्रमण। हृदय एक पेशिय अंग होता है। यह मानव शरीर का सबसे व्यस्त अंग है। मानव हृदय की आकृति शंकु आकार की होती है। मानव हृदय 1 मिनट में 72 बार धड़कता है।

हृदय परिसंचरण तंत्र के खोजकर्ता विलियम हार्वे है। परिसंचरण तंत्र दो प्रकार का होता है।
(¡) खुला परिसंचरण तंत्र
(¡¡) बंद परिसंचरण तंत्र

(¡) खुला परिसंचरण तंत्र – ऐसा परिसंचरण तंत्र जिसमें रक्त परिवहन के लिए धमनी और शिराएं नहीं पाई जाती है अर्थात नलिकाएं नहीं होती है उसे खुला परिसंचरण तंत्र कहते हैं।
• ऐसा परिसंचरण तंत्र आर्थोफोडा संघ के जीवो के जैसे- कॉकरोच, बिच्छु आदि में पाया जाता है।


(¡¡) बंद परिसंचरण तंत्र – ऐसा परिसंचरण तंत्र जिसमें रक्त परिवहन के लिए धमनी व शिराएं पाई जाती है अर्थात नालीकाएं होती है, वह बंद परिसंचरण तंत्र कहलाता है।
जैसे- मानव, बिल्ली, कुत्ता और कछुआ आदि।

मानव हृदय :- हृदय मनुष्य के शरीर का सबसे व्यस्त अंग है। मानव हृदय का भार पुरुषों में 300 व महिलाओं में 250 ग्राम के लगभग पाया जाता है। मानव हृदय करण हल्का गुलाबी होता है। मानव ह्रदय की आकृति शंकु आकार की होती है और इसका अध्ययन कार्डियोलॉजी विज्ञान में किया जाता है।
मानव हृदय की सुरक्षा कवच का नाम पैराकार्डियल झिल्ली है भरे द्रव का नाम पैराकार्डियल द्रव है। मानव का समान 4 कोष्ठीय एविज वर्ग के प्राणियों में या पक्षियों में पाया जाता है।
सर्वाधिक हृदय कोकरोच में 13 को कोष्ठीय पाया जाता है एवं बंदर में 3 कोष्ठीय हृदय पाया जाता है। मेंढक में तीन कोष्ठीय हृदय पाया जाता है जबकि केंचुआ में आठ कोष्ठीय हृदय पाया जाता है।
मानव हृदय के बाएं भाग में शुद्ध रक्त बहता है एवं दाएं भाग में अशुद्ध रक्त बहता है। हृदय से शरीर को अंगो तक रक्त पहुंचाने का कार्य धमनियां करती है।
धनिया व्यास में सकड़ी होती है। रक्तदाब सदैव धनिया का मापा जाता है जिसे मापने का कार्य स्फेगेनोमीटर करता है।
एक सामान्य व्यक्ति का रक्त दाब 120/080 mmH2 होता है। 120 से ऊपर रक्तदाब जाने पर व्यक्ति को हाइपरटेंशन रोग हो जाता है व 80 से नीचे आने पर व्यक्ति को हाइपोटेंशन नामक रोग हो जाता है।
रक्त दाब मापने का कार्य सर्वप्रथम स्टीफन हेल्स नाम वैज्ञानिक ने किया जिनके द्वारा सर्वप्रथम घोड़े का रक्तदाब मापा गया था।
मानव हृदय की आवाज सुनने के लिए डॉक्टर के द्वारा स्टैथोस्कोप नामक यंत्र का उपयोग किया जाता है और मानव हृदय की धड़कन देखने के लिए ECG (इलेक्ट्रो कार्डियो ग्राफी) नामक यंत्र का प्रयोग किया जाता है। मानव हृदय की धड़कनों को कृत्रिम रूप से नियंत्रण करने का कार्य पेसमेकर करता है।
मानव हृदय की धड़कन दो चरणों में पूर्ण होती है ।
(¡) सिस्ट्रोल + डाइस्ट्रोल = हार्टबीट
(¡¡) लब + डब = धड़कन

मानव धड़कन को लगा समय 0.8 सेकंड होता है जिस दौरान लगभग 70 ml लीटर रक्त शरीर के अंगों तक पंप कर दिया जाता है।
मानव हृदय 1 मिनट में 72 बार धड़कता है जिस दौरान लगभग 4 से 5 लीटर रक्त शरीर के अंगों तक पंप कर दिया जाता है और मानव हृदय से शरीर के अंगों तक रक्त ले जाने का कार्य धमनियाँ करती है व वापस लाने का कार्य शिराएं करती है।

मानव हृदय से शरीर के अंगों तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में उनके नाम-
मस्तिष्क       —————-     केरोटिड धमनी
ॠजू            —————-     सबक्लेवियन धमनी
कलाई         —————-      व्रेकियल धमनी
अमाशय       —————-        गॉस्टिक धमनी
यकृत          —————-        हैप्पेटिक धमनी
वृक्क          —————-         रीनल धमनी
फेफड़ों        —————-         प्लमोनरे धमनी
हृदय पेशीयां    —————-      कोरेनरी धमनी

कोरेनरी धमनी अवरुद्ध हो जाने पर अल्जाइम नामक रोग हो जाता है। इस रोग में रोगी के सीने में दर्द रहता है व चुभन सी बनी रहती है।
मानव शरीर की सभी धमनियों में ऑक्सीजनित रक्त बहता है सिर्फ फेफड़ों को जाने वाली प्लमोनरे धमनी को छोड़कर क्योंकि यह धमनी फेफड़ों को रक्त पहुंचाती है व रक्त में ऑक्सीजन मिलने का कार्य फेफड़ों में होता है।
मानव शरीर की सभी शिराओं में कार्बन डाइऑक्साइड रक्त बहता है सिर्फ प्लमोनरे शिरा को छोड़कर।
मानव शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाने पर हृदय घात का खतरा रहता है और मानव धमनियों का रंग गहरा लाल होता है। ये शरीर की आंतरिक गहराइयों में होती है।

धन्यवाद

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