Latest News On Coronavirus : अब होगा कोरोना का खात्मा

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नमस्कार स्वागत है आप सबका, आप सबके लिए खुशखबरी है ! मरुधरा में कोरोना के मरीज पूरी तरह ठीक हो रहे हैं। कोरोना वायरस के खिलाफ पूरी दुनिया में विश्व युद्ध छिड़ा हैं। 

आपके लिए एक खुशखबरी है कि राजस्थान में  कोरोना संक्रमित मरीज धीरे धीरे ठीक होने जा रहे हैं। हर कोई देश इसकी दवा बनाने में जुटा है इस बीच पहले से मौजूद किसी और तरह की दवाइयां अपना रंग कोरोना पर दिखा रही है।
वैसे तो कोरोना ने देश में अपने पैर पसार लिए हैं। भारत में अब तक इस वायरस के मामले 108 हो चुके हैं। जिनमें सबसे अधिक महाराष्ट्र में 31 मामले सामने आए हैं। हालांकि अब तक कोरोना की कोई भी दवा नहीं बन पाई है। लेकिन राजस्थान के जयपुर में कुछ दवाई कमाल दिखा गई।

Covid -19 : अब होगा कोरोना का खात्मा, जयपुर के डॉक्टरों ने ढूंढ लिया इलाज

जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों ने इसकी दवा बनाकर विदेशी मरीज का इलाज किया। इन डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू, मलेरिया व एचआईवी की दवा के जरिए कोरोना वायरस संक्रमित विदेशी नागरिक का इलाज किया गया और वह ठीक भी हो गया।

चिकित्सकों का कहना है कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने भी जयपुर के डॉक्टरों की ओर से कोरोना के इलाज के लिए अपनाए गए इस प्रोटोकॉल पर संतोष जताया है।

जयपुर में इटली से आए 69 वर्षीय नागरिक को प्रदेश का पहला कोरोनावायरस पॉजिटिव घोषित किया गया था। बाद में उसकी पत्नी भी कोरोनावायरस से पॉजिटिव पाई गई। दोनों को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के आइसोलेशन अस्पताल में भर्ती कर इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने एंड्री की पत्नी को हाल ही में की गई जांच में कोरोना नेगेटिव पाया गया है।

जयपुर के डॉक्टरर्स ने मलेरिया, स्वाइन फ्लू और HIV की दवा के जरिए कोरोनावायरस पर काबू पाने में सफलता हासिल की है। एसएमएस मेडिकल कॉलेज की सीनियर प्रोफेसर डॉक्टर पीएस पीपलीवाल का कहना है कि अभी तक कोई दवा इस वायरस में काम नहीं आई है लेकिन जयपुर में जो इलाज किया गया वह उस पर भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने भी संतोष जताया है।

कोरोना के मरीज को स्वाइन फ्लू के इलाज में दी जाने वाली ओ ओसाल्टामिविर कि 75 mg की दो टेबलेट रोजाना दी गई। वहीं HIV के इलाज में काम आने वाली दवा लोपिनाविर 200 mg तथा राइटोनाविर की 50 mg टेबलेट दी गई और मलेरिया के इलाज में काम आने वाली क्लोरोक्वीन दवा भी दी गई। इन सभी दवाओं का असर भी पॉजिटिव है जो हमारे लिए एक सुखद खबर हैं ।

विश्व स्वास्थ्य संगठन समेत कई देशों में कोरोना से निपटने के लिए टीका तलाशनें के काम में जुटे है लेकिन अभी तक कोई सफलता प्राप्त नहीं हुई है। लेकिन इसी बीच जयपुर के चिकित्सकों का काम बहुत ही सराहनीय है।

यूं तो कोरोना की दवा की खोज चल रही तब तक कोरोना का बचाव ही इसकी दवा है। कोरोना को रोकना है तो संक्रमित लोगों के संपर्क को रोकना होगा।
मोदी सरकार की कोरोना को लेकर गठित मंत्री समूह की बैठक में कई फैसले लिए गए- जिनमें 15 अप्रैल तक सभी विदेशियों के वीजा को निलंबित कर दिया गया।

जिनमें दूतावास, यूएन और सरकारी अधिकारियों को छूट दी गई तथा स्वदेश लौटने वाले भारतीयों को 14 दिन तक आइसोंलेशन में रहना होगा। किसी आपात में भारतीय मिशन से अनुमति लेनी होगी। इन सभी फैसलों के बाद भारत ने स्वयं को दुनिया से अलग कर लिया है।

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