Home Blog Page 5

विज्ञान किसे कहते हैं, विज्ञान की परिभाषा क्या है – Simple Health Meter

0

क्या आप जानते हैं विज्ञान किसे कहते हैं, विज्ञान की परिभाषा क्या है आज के इस अध्याय में हम विज्ञान से सम्बन्धित सारी जानकारी आपको पढ़ने के लिए मिलेगी। 

• जब हम प्रकृति में उपस्थित विभिन्न प्रकार की वस्तुओं की प्रकृति और उनके व्यवहार जैसे गुणों का अवलोकन या अध्ययन करते हैं उसे ही विज्ञान कहते हैं।
विज्ञान में कई शाखाएं होती है जैसे- जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान और रसायन विज्ञान इत्यादि।

विज्ञान किसे कहते हैं, विज्ञान की परिभाषा क्या है - Simple Health Meter

जीव विज्ञान (Biology) :-

विज्ञान की वह शाखा जिसमें अन्तर्गत समस्त जीव-जन्तुओं का विस्तार से अध्ययन किया जाता है। इसमें जीवधारियों की उत्पत्ति, उनके विकास, उनकी रचना तथा उनकी पारस्परिक क्रियाओं का अध्ययन किए जाने वाले विषय शामिल हैं। जीव विज्ञान का जनक ‘अरस्तु’ को माना जाता है।

रसायन विज्ञान (Chemistry) :-

रसायन विज्ञान, विज्ञान की वह शाखा है जिसके अन्तर्गत प्रदार्थो के गुणों, उनकी संरचना तथा उनमें होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन किया जाता है। इसमें पदार्थों के कण, द्रव्य के संघटन, परमाणु तथा सूक्ष्म कणों की संरचना का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। यदि किसी पदार्थ की अन्य पदार्थ के साथ क्रिया करवाई जाए तो परिणाम में कौन-सा पदार्थ बनेगा और कौन-कौन से गुण होंगे इन सब का अध्ययन रसायन विज्ञान में किया जाता है।

भौतिक विज्ञान (Physics) :-

विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत द्रव्य तथा ऊर्जा एवं भौतिक के गुणों का अध्ययन किया जाता है, भौतिक विज्ञान कहलाता है।
भौतिक विज्ञान को मुख्य रूप से आठ भागों में बांटा गया है जैसे – यांत्रिकी, प्रकाश, ऊष्मा, ध्वनि, विद्युत चुंबकत्व, इलेक्ट्रॉनिक और परमाणु एवं आधुनिक भौतिक।

कृषि विज्ञान (Agriculture Science) :-

भूमि पर फसल एवं उसके उत्पादन से संबंधित ज्ञान को कृषि विज्ञान कहते हैं। भूमि को जोत कर उस पर फसल एवं पेड़ पौधे उगाने के कार्य को कृषि विज्ञान कहा जाता है।
कृषि उत्पादकों को बढ़ाने एवं उन्हें कायम रखने में कृषि वैज्ञानिकों महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि वैज्ञानिक फसलों एवं पशुओं का अध्ययन कर उनमें सुधार लाने का नया रास्ता तैयार करते हैं।
कृषि विज्ञान की कई शाखाएं हैं जैसे – कीट विज्ञान, पादप रोग विज्ञान,पादप दैहिकी, शस्य विज्ञान, मृदा विज्ञान, कृषि जीव रसायन, पादप अनुवांशिकी और  मृदा संरक्षण आदि।

पशुपालन विज्ञान (Animal Husbandry Science) :-

पशुपालन विज्ञान विज्ञान की वह शाखा होती है जिसके अंतर्गत पालतू पशुओं तथा विभिन्न प्रकार के पक्षियों के भोजन, स्वास्थ्य और उनके आश्रय का अध्ययन किया जाता है। पशुपालन का मुख्य उद्देश्य उपयोग में नहीं की गई जमीन को पशु-पक्षियों के उपयोग में लाना और पशुपालन द्वारा रोजगार उपलब्ध कराना।
दोस्तों भारत में पशुपालन कृषि महत्वपूर्ण अंग है और शुरू से ही भारतीय अर्थव्यवस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

क्या आपने कभी सोचा है स्वास्थ्य क्या है – What is health.

0

क्या आपने कभी सोचा है स्वास्थ्य क्या है ? स्वास्थ्य की परिभाषा क्या है एवं स्वस्थ रहने के लिए हमें क्या करना चाहिए। What is health and what is its definition? तो आज बात कर लेते हैं स्वास्थ्य के बारे में.

दोस्तों यदि विश्वस्तर पर स्वास्थ्य के बारें में जाना जाए तो अधिकतर लोग स्वास्थ्य के बारे में अपरिचित है और कुछ अल्प विकसित तथा विकासशील देशों में तो स्थिति और भी दयनीय है जिसके फलस्वरूप आज विश्व के अनेक लोग कई तरह की बीमारियों की चपेट में है। इसी कारण लोगों के स्वास्थ्य में लगातार गिरावट आ रही है।

कुछ व्यक्ति बीमारियों से दूर रहने को ही स्वास्थ्य समझते हैं और कुछ व्यक्ति शरीर के सुंदर दिखने को ही स्वास्थ्य समझते हैं। यदि स्वास्थ्य को व्यापक तरीके से देखें तो हम इसके बाद अर्थ को भली भांति ही नहीं समझते हैं। स्वास्थ्य जीवन का वह गुण है जिसे व्यक्ति दीर्घायु होकर की सारी सुविधाएं प्राप्त करता है।

क्या आपने कभी सोचा है स्वास्थ्य क्या है - What is health.
स्वास्थ्य की परिभाषा 

स्वास्थ्य की पारिस्थितिकीय धारणा :- 

दोस्तों मानव, जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में भली-भांति प्रगति कर चुका है लेकिन प्रगति की दौड़ में वह पारिस्थितिकी संतुलन को भी भूल चुका है।
आज हमारे सामने स्वास्थ्य समस्या विकराल रूप धारण किए हुए हैं जिसके कारण मानव स्वास्थ्य का स्तर गिर नहीं रहा बल्कि गंभीर खतरे में पड़ गया है। मानव जीवन को स्वस्थ बनाने के लिए इसका समाधान करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
लेकिन यह प्रकृति विनाश के आधार पर नहीं होनी चाहिए जिसके लिए हमें कुछ करना चाहिए कि वायुमंडल, जल, मिट्टी और भोजन का प्रदूषण न बढ़े और मानव अच्छी तरह से स्वस्थ रह सकें।

स्वास्थ्य के पहलू :- 

स्वास्थ्य के कई पहलू है जैसे मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक स्वास्थ्य, भावनात्मक स्वास्थ्य एवं सामाजिक स्वास्थ्य। ये पहलू एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। स्वास्थ्य के ये आयाम एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण है।

1. मानसिक स्वास्थ्य :- 

दोस्तों  स्वास्थ्य का संबंध मन की प्रसन्नता, शांति या संतुष्टि से है। शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य के बिना अधूरा है। आज के इस युग में व्यक्ति तनाव, दबाव व चिंताओं से घिरा रहता है इसलिए वह स्वयं को वातावरण में समायोजित नहीं कर पाता है।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए हमें इन बातों पर ध्यान देना चाहिए :-
(¡) विश्रामात्मक व्यायाम करके हमें तनाव दबाव को दूर रखना चाहिए।
(¡¡) जीवन के प्रत्येक अवसर को खुले दिमाग से सोचना चाहिए।
(¡¡¡) लक्ष्य को निर्धारित करके इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि लक्ष्य वास्तविक हो अर्थात व्यक्ति की पहुंच से बाहर ना हो।
(¡v) जीवन में हमेशा सकारात्मक दृष्टिकोण रखना चाहिए खासतौर पर जब आप अपने लक्ष्य का सामना कर रहे हो।

(2) शारीरिक स्वास्थ्य :- 

जीवन में शारीरिक स्वस्थ व्यक्ति के लिए शरीर के सभी अंगो का अच्छी तरह से काम करना चाहिए। हर व्यक्ति का शारीरिक स्वास्थ्य अनेक तत्व पर निर्भर करता है जैसे वातावरण, सामाजिक-सांस्कृतिक एवं जैविक तत्व जिसमें मनुष्य का सुडौल शरीर ऊंचाई के अनुसार उसका भार चमकदार आंखें, साफ त्वचा और साफ रंग शामिल होता है।
शारीरिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति न केवल अपने ऊपर बोझ होता है बल्कि पूरे समाज व राष्ट्र के लिए बोझ होता है।
शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हमें इन बातों पर ध्यान जरूर देना चाहिए :-
(¡) व्यक्ति को शरीर के आंतरिक अंगों की सफाई के लिए अधिक पानी पीना चाहिए।
(¡¡) व्यक्ति को बिना किसी बाधा के कम से कम 7 घंटे गहरी नींद लेनी चाहिए।
(¡¡¡) शरीर की आवश्यकता के अनुसार शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के लिए पोषण युक्त भोजन लेना चाहिए।
(¡v) शारीरिक व्यायामो में नियमित रूप से भाग लेना चाहिए ऐसा करने से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।
(v) व्यक्ति को नशे से संबंधित पदार्थों से हमेशा दूर रहना चाहिए।

(3) भावनात्मक स्वास्थ्य :-

 भावनात्मक रूप से स्वस्थ व्यक्ति उसे कहा जाता है जो अपने क्रोध,डर हार-जीत एवं सुख-दुख को नियंत्रण रख सकें। भावनात्मक रूप से स्वस्थ व्यक्ति प्रत्येक परिस्थिति में नियंत्रण व्यवहार करता है और उसे अपनी भावनाओं पर पूर्ण नियंत्रण रखना चाहिए। भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहने के लिए हमें निम्न बंधुओं पर ध्यान देना चाहिए :-
(¡) अपने परिवार,मित्र एवं आपसी लोगों से मिल-जुल कर रहना चाहिए और बातचीत करने का अच्छा संबंध होना चाहिए।
(¡¡) भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए अपनी शक्ति की जानकारी होनी चाहिए।
(¡¡¡) तनाव,चिंता और दबाव से निपटने के लिए योग्यता होनी चाहिए।

(4) सामाजिक स्वास्थ्य :- व्यक्ति की सामाजिक सुरक्षा पर सामाजिक स्वास्थ्य निर्भर करता है। यदि व्यक्ति पूर्ण रूप से सुरक्षित नहीं है तो सामाजिक  स्वस्थ नहीं है | आज के इस युग में हमारा पारिवारिक व सामाजिक जीवन काफी बदल गया है। आज हमारा बदलता हुआ सामाजिक जीवन हमारे शारीरिक स्वास्थ्य व मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है।
सामाजिक स्वास्थ्य के लिए हमें इन बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए :-
(¡) खुद की छवी को सकरात्क बनाने का प्रयास करना चाहिए।
(¡¡) एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्तियों के साथ पारस्परिक व्यवहार बढ़ाने की योग्यता होनी चाहिए।
(¡¡¡) अलग-अलग प्रकार के व्यक्तियों के बीच संबंध स्थापित करने चाहिए।
(¡v) विभिन्न प्रकार के मापदंडों को समझने का प्रयास करना चाहिए।

How To get success in life best information

1

  1. जीवन में सफलता कैसे प्राप्त करें, किस तरीके से स्वयं अपना लक्ष्य प्राप्त करे आइये कुछ जानते हैं इसके बारे में –

दोस्तों हमारी इस अजीब दुनिया में सपना देखने वाले इन्सानों की कमी बिल्कुल नहीं है, यदि आप भी इन वाले लोगों में से हैं, तो इसमें कोई बुराई नहीं है लेकिन दुनिया में अपनी छाप या पहचान बनाने वाला जरूरी है। यदि आप अपने जीवन में कोई लक्ष्य प्राप्त करना चाहते हैं तो लोगों को विश्वास दे की आप ऐसा करने में सक्षम हैं।
यदि आप अपने जीवन में यह जान जाएंगे कि वास्तव में आपको क्या जरूरी है तो आपको सब कुछ करने की आवश्यकता नहीं होगी।
आपको पता है छोटे-छोटे कदम संभवहीन उपलब्धियों एवं बड़ी मंजिल की ओर ले जाते हैं। आपके अंदर जीत की इच्छा शक्ति होनी चाहिए और क्षमताओं के पूर्ण उपयोग करने के लिए लगन भी होनी चाहिए।

जीवन में सफलता कैसे प्राप्त करें आइये कुछ जानते हैं इसके बारे में - Simple Health Meter

दोस्तों याद रखें अधूरे मन से किया गया कार्य अधूरी ही सफलता लाता है और पूरे तन मन धन से किए कार्य अच्छे परिणाम सामने लाते हैं। हर मुश्किल में एक अवसर ढूंढने की आदत बनाइए न की हर अवसर में मुश्किल।
यदि आपको जीवन में खुश और संतुष्ट रहना है तो आपको एक सर्जन की तरह रहना होगा। हम सभी का श्रेष्ठ कार्य करने का एक सर्वश्रेष्ठ समय होता है।


यह कैसे जाने कि आप अपनी जिंदगी में सफल है या नहीं ?


हम अपने जीवन में जो भी करते हैं उसका पीछे एक लक्ष्य होता है और एक बड़ी सोच होती है। हम जब भी अपने लिए कुछ करते हैं तो इस बात का निर्धारण अहम होता है कि आपके कार्य का क्या महत्व है, आपको क्या प्राप्त होगा और किस कीमत पर प्राप्त होगा ?
दोस्तों अपने आपके कार्यों की समीक्षा करना बहुत ही बड़ा मुश्किल काम है और इसे हम सभी बड़ी आसानी से करते हैं। इसका मूल उद्देश्य इस बात की पड़ताल करना होता है कि हम अपने लक्ष्य को पूरा करने में कितना सफल हो पाए हैं।
आपके कार्य की समीक्षा स्वयं से ज्यादा कोई और ईमानदारी से नहीं कर सकता है। दूसरे लोगों के द्वारा की गई समीक्षा में आप अपनी जिंदगी में उलझ कर रह जाते हैं। आप अपने कार्य में पूरी सफलता तभी प्राप्त कर सकते हैं, जब आप इसमें विश्वास करते हैं की आप ऐसा करने के काबिल है।
केवल सफल होने की चाह आपको जीवन के किसी भी क्षेत्र में आपको सफलता नहीं दिला सकती चाहे वो पेशेवर-नौकरी, अपना वजन घटाने या दुबला-पतला होने की बात क्यों ना हो। कठिन प्रयास तब तक असफल है जब तक आपको अपने पेशे, काम या जीवन में कोई बदलाव न लाएं।


जीवन में लगातार आगे कैसे बढ़े ?


दोस्तों जीवन हमें ज्यादा से ज्यादा काम को कम समय में उसी दक्षता के साथ करने की चुनौती देता है। आपको अपने जीवन में अपने लक्ष्य के प्रति जो भी करना है उसे डायरी में नोट कर लेना चाहिए।
आपको अपना लक्ष्य पूरा करने के लिए समय-सीमा तय करनी चाहिए और साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा की कार्य या अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए क्या करना होगा और कैसे करना होगा या अपनी आवश्यकता एवं क्षमताओं के आधार पर आपको बदलाव करना होगा।
हमें इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए कि हमारा समय छोटी-छोटी एवं बेकार की बातों में बर्बाद ना हो। अपना लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आपको लगातार उसी हिसाब से कार्य करना चाहिए।


ये बाते जरूर याद रखें :-


याद रखिए सफलता प्राप्त करने के लिए केवल सकारात्मक सोच ही काफी नहीं है इसके साथ-साथ पूर्ण मेहनत और लगन की आवश्यकता होती हैं। आपको हमेशा असफलताओं को पीछे छोड़कर बड़ी सफलता पाने के लिए हमेशा प्रयास करना चाहिए।
जीवन के हर क्षेत्र में चाहे वह कार्यस्थल हो या आपका परिवार हो आपको अपनी सीमाएं तय करनी चाहिए। बुरी आदतें न केवल हमें नीचे धकेलती बल्कि हमें अपने लक्ष्य पर पहुंचने से रोकती है इसलिए हमें अपनी बुरी आदतों को छोड़ना चाहिए।


जीवन में हमेशा सफलता पाने के लिए इन बिन्दुओं को ध्यान में रखें :-

1. यदि आपको अपने जीवन में सफलता प्राप्त करनी है तो आपको शर्म,आलस्य, ईर्ष्या एवं बेचैनी को अपनी जिंदगी से बाहर निकालना होगा।
2. कड़ी मेहनत और लग्न ही आप को अपने लक्ष्य में शानदार जीत हासिल करा सकती हैं। कठिन प्रयास और पसीना एवं मेहनत ही आपकी सफलता का सुखद परिचयी होता है।
3. जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए हमेशा धोखेबाज लोगों से दूर रहें और वाणी में सुंदरता का गुणगान करें। दूसरे लोगों से सर्वोत्तम प्राप्त करें।
4. सदैव अपने से बड़ों का आदर करें एवं ईमानदारी का परिचय दे और अपने यश को हमेशा बरकरार रखें। अपने जीवन की हर दौड़ में विजेता बने।
5. जीवन में आने वाली सभी चुनौतियों का सामना करें और अपने लक्ष्य के प्रति अपना ध्यान केंद्रित बनाए रखें।
6. अपनी जिंदगी एवं खुशी की कमान स्वयं संभाले रखें और सही समय पर सही निर्णायक फैसला ले। अपने जीवन के लक्ष्य के प्रति हमेशा सकारात्मक रहे।